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brijeshprasad


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लोकतंत्र व्यवस्था का संक्रमित होता स्वरुप

Posted On: 11 Sep, 2015  
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मोदी सरकार के “पालने के पांव”

Posted On: 17 Jul, 2015  
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पॉलिटिकल एक्सप्रेस में

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दुधारू गाय

Posted On: 29 Apr, 2015  
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विरोध की राजनीति

Posted On: 26 Apr, 2015  
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हमारा लोकतंत्र – हमारा कश्मीर

Posted On: 22 Apr, 2015  
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विवेक की तलाश में भारतीय युवा

Posted On: 15 Apr, 2015  
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“मधुमेह” संक्रमित सत्ता

Posted On: 11 Apr, 2015  
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एक बार फिर गांधी व नेहरू

Posted On: 21 Nov, 2014  
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गुजराती ढोकला और चीन

Posted On: 22 Sep, 2014  
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नवीनतम प्रतिक्रियाएंLatest Comments

आदरणीय शोभा जी, सादर प्रणाम। आप के कुछ लेख और भी पढ़े, और उस पर अपनी प्रतिक्रिया भी देनी चाही, पर न जाने क्यों वे सब पोस्ट ही नहीं हुए। यह भी पोस्ट होगा या नहीं कह नहीं सकता फिर भी प्रयास कर रहा हूँ। बम विस्फोट के समय आतंकियों का कोई मजहब नहीं होता, पर जब फाँसी की सजा हो जाती है तो वह मुस्लमान हो जाता है। किसी की पोस्ट है यह,जो मै लिख रहा हूँ। मेनन की पत्नी व बेटी का इंटरव्यू टी वी पर देखा आश्चर्य हुआ वे लोग न ही हिन्दी में बात कररहे थे न ही उर्दू में। -- दुःख तो हुआ उनके दर्द से, पर जो लोग बम धमाके में मरे उनके परिवारो के दुःख का क्या? और माफी के बाद कोई और कुचक्र शुरू न कर दे जेल से ही, इस की क्या गैरंटी।

के द्वारा: brijeshprasad brijeshprasad

के द्वारा: nishamittal nishamittal

तारा ने जिस तरह पूरी हिम्मत और समझदारी के साथ अपने ससुराल का विरोध किया, और वहाँ के प्रशासन को आरोपियों के प्रति कार्यवाही करने के लिए विवश कर दिया, अपने ससुराल के भारी सरूख के बावजूद, जिसमें मीडिआ की भी प्रसंसनीय भूमिका रही। इस प्रकरण ने तमाम महिलाओं को हिम्मत भी दी, और नई राह भी खोली। देखते ही देखते इस प्रकार के तमाम प्रकरण सामने आने लगे। निश्चय ही तर के हिम्मत की दाद देनी होगी अब परत दर परत खुल रही है और अच्छे सफ़ेदपोश भी परदे से बाहर निकलते जा रहे हैं. ...स्वार्थ के वशीभूत भी बहुत सारे लोग गलत कार्य का समर्थन करते नजर aate है और कुछ लोग इसका गलत राजनीतिक इस्तेमाल भी करने लगते हैं जिसका parinam भी सकारात्मक नहीं होता अब अचानक से यह शब्द गायब हो गया है अब पूण: मोदी जी की अमरीका यात्रा और नवरात्र की खबरें ही चलेगी.

के द्वारा: jlsingh jlsingh

के द्वारा: pkdubey pkdubey

के द्वारा: sadguruji sadguruji

के द्वारा: डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर




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